Salasar Balaji Aarti (सालासर बालाजी की आरती) सालासर बालाजी की प्रसिद्ध आरती “कृपा कर सालासर वाला” के रचयिता बालकृष्ण हैं, जो लक्ष्मणगढ़ के विप्र निवासी थे। यह आरती सालासर दरबार में गाई जाती है और इसमें भगवान हनुमान के सालासर रूप की महिमा का वर्णन है। इस आरती को Shrihanumanchalisa.in वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
- आरती के रचयिता: बालकृष्ण (विप्र निवासी, लक्ष्मणगढ़)
- प्रसिद्ध रचना: कृपा कर सालासर वाला (Salasar Balaji ki Aarti)
- गायक: लखबीर सिंह लक्खा (यूट्यूब/स्पॉटिफ़ाई पर सबसे प्रसिद्ध संस्करण)
यह पारंपरिक आरती सालासर बालाजी मंदिर में आयोजित होने वाली दैनिक पूजा का हिस्सा है।
Salasar Balaji Aarti In Hindi Lyrics
जयति जय जय बजरंग बाला, कृपा कर सालासर वाला ॥
चैत सुदी पूनम को जन्मे, अंजनी पवन खुशी मन में ।
प्रकट भए सुर वानर तन में, विदित यश विक्रम त्रिभुवन में ।
दूध पीवत स्तन मात के, नजर गई नभ ओर ।
तब जननी की गोद से पहुंच, उदयाचल पर भोर ।
अरुण फल लखि रवि मुख डाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
तिमिर भूमण्डल में छाई, चिबुक पर इंद्र वज्र बाए ।
तभी से हनुमत कहलाए, द्वय हनुमान नाम पाए ।
उस अवसर में रुक गयो, पवन सर्व उन्चास ।
इधर हो गयो अंधकार, उत रुक्यो विश्व को श्वास ।
भए ब्रह्मादिक बेहाला ।। कृपा कर सालासर वाला …
देव सब आए तुम्हारे आगे, सकल मिल विनय करन लागे ।
पवन कू भी लाए सांगे, क्रोध सब पवन तना भागे ।
सभी देवता वर दियो, अरज करी कर जोड़ ।
सुनके सबकी अरज गरज, लखि दिया रवि को छोड़ ।
हो गया जग में उजियाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
रहे सुग्रीव पास जाई, आ गए वन में रघुराई ।
हरी रावण सीतामाई, विकल फिरते दोनों भाई ।
विप्र रूप धरि राम को, कहा आप सब हाल ।
कपि पति से करवाई मित्रता, मार दिया कपि बाल ।
दुःख सुग्रीव तना टाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
आज्ञा ले रघुपति की धाया, लंक में सिंधु लांघ आया ।
हाल सीता का लख पाया, मुद्रिका दे वनफल खाया ।
वन विध्वंस दशकंध सुत, वध कर लंक जलाय ।
चूड़ामणि संदेश सिया का, दिया राम को आय ।
हुए खुश त्रिभुवन भूपाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
जोड़ी कपि दल रघुवर चाला, कटक हित सिंधु बांध डाला ।
युद्ध रच दीन्हा विकराला, कियो राक्षसकुल पैमाला ।
लक्ष्मण को शक्ति लगी, लायौ गिरी उठाय ।
देइ संजीवन लखन जियाए, रघुबर हर्ष सवाय ।
गरब सब रावन का गाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
रची अहिरावन ने माया, सोवते राम लखन लाया।
बने वहां देवी की काया, करने को अपना चित चाया ।
अहिरावन रावन हत्यौ, फेर हाथ को हाथ ।
मंत्र विभीषण पाय आप को, हो गयो लंका नाथ ।
खुल गया करमा का ताला ।। कृपा कर सालासर वाला …
अयोध्या राम राज्य कीना, आपको दास बना दीना ।
अतुल बल घृत सिंदूर दीना, लसत तन रूप रंग भीना ।
चिरंजीव प्रभु ने कियो, जग में दियो पुजाय ।
जो कोई निश्चय कर के ध्यावे, ताकी करो सहाय ।
कष्ट सब भक्तन का टाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
भक्तजन चरण कमल सेवे, जात आत सालासर देवे ।
ध्वजा नारियल भोग देवे, मनोरथ सिद्धि कर लेवे ।
कारज सारों भक्त के, सदा करो कल्याण ।
विप्र निवासी लक्ष्मणगढ़ के, बालकृष्ण धर ध्यान ।
नाम की जपे सदा माला ॥ कृपा कर सालासर वाला …
चुरू जिले में सालासर धाम राजस्थान के भीतर भगवान हनुमान के मंदिर में दो सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर दूसरा है। सालासर बालाजी हनुमान मंदिर इसलिए खास है क्योंकि हनुमानजी की मूर्ति में चेहरे की विशेषताएं हैं जो गोल, मूंछें और दाढ़ी हैं।
यह रानी सती मंदिर, जीन माता और खाटूश्यामजी के साथ धार्मिक मंडली का हिस्सा भी है। श्री सालासर बालाजी द्वारा पूर्ण समर्पण और उच्चतम स्तर की भक्ति के साथ की गई आरती करने से, भगवान बालाजी की कृपा प्राप्त हो सकती है। उनकी कृपा से मनुष्य समस्त कष्टों और कष्टों से मुक्त हो जाता है।
महाराज श्री सालासर बालाजी हनुमान की कृपा से हम नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित हैं। श्री सालासर बालाजी का धाम राजस्थान के चुरू जिले में स्थित है। महावीर हनुमान जी की पूजा करने वालों के लिए यह धाम अत्यंत पवित्र है।
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Salasar Balaji Aarti in Pdf format
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सालासर बालाजी की आरती कैसे करें ?
श्री सालासर बालाजी की आरती ( Shri Salasar Balaji Ki Aarti ) आप कभी भी या किसी भी दिन कर सकतें हैं.
लेकिन मंगलवार और शनिवार का दिन सालासर बालाजी हनुमान जी की आरती ( Shri Salasar Balaji Ki Aarti ) करने के लिए सबसे उत्तम होता है। प्रातःकाल और संध्या काल का समय आरती के लिय्रे शुभ होता है.
श्री सालासर बालाजी के मंदिर में जाकर अगर यही आरती की जाए तो यह बहुत ही शुभ फल देने वाला होता है.
आप अपने खुद के घर में भी श्री सालासर हनुमान जी की तस्वीर के सामने खड़े होकर पूर्ण मन से आरती कर सकतें हैं.
परन्तु आरती सम्पूर्ण पवित्र ह्रदय से और सालासर बालाजी पर सम्पूर्ण श्रद्धा और बिस्वास रखते हुए करें.
श्री सालासर बालाजी हनुमान की आरती से क्या लाभ है ?
श्री सालासर बालाजी हनुमान की आरती ( Shri Salasar Balaji Ki Aarti ) करने से मनुष्य को श्री हनुमान जी की कृपा की प्राप्ति होती है.
श्री सालासर बालाजी की आरती करने से समस्त रोगों से मुक्ति मिलती है.
तथा सभी प्रकार के नकारात्मक बुरी शक्तियों से रक्षा करते है.
मनुष्य जीवन में खुशियाँ आती है.
संकटों से प्रभू श्री सालासर हनुमान जी हमारी रक्षा करतें हैं.
श्री सालासर बालाजी हनुमान की आरती ( Shri Salasar Balaji Ki Aarti ) पूर्ण मन से करने से मनुष्य को धन धान्य की प्राप्ति होती है.
सालासर बालाजी की आरती का जाप कैसे करे ?
आरती करते टाइम श्री सालासर बालाजी की पूजा में प्रसाद चढ़ाने के लिए लड्डू, सिंदूर, केले, दीपक, धूप, गंगा-जल, जल का लोटा , दूध, व माचिस और लाल या सफेद फूल का उपयोग करें।
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