Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार की आरती PDF

मंगलवार व्रत आरती भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित एक पवित्र आरती है, जिसे श्रद्धालु हर मंगलवार को व्रत के साथ गाते हैं। मंगलवार की आरती करने से जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं, रोग-शोक समाप्त होते हैं और साहस व आत्मबल की प्राप्ति होती है।

इस पेज पर आपको Mangalvar Vrat Aarti Lyrics, मंगलवार की आरती PDF, आरती का सही समय, प्रमुख मंदिरों की जानकारी और पूजा विधि विस्तार से मिलेगी।

Mangalvar Vrat Aarti Lyrics

मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता
हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे
शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥

लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना।
काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥

राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा।
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥

भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव।
शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥

आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै।
सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥

तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा।
रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥

पवन पुत्र धरती के पूता, दो मिल काज करो अवधूता।
हर प्राणी शरणागत आये, चरण कमल में शीश नवाये॥

रोग शोक बहुत विपत्ति घिराने, दरिद्र दुःख बन्धन प्रकटाने।
तुम तज और न मेटन हारा, दोउ तुम हो महावीर अपारा॥

दारिद्र दहन ऋण त्रासा, करो रोग दुःस्वप्न विनाशा।
शत्रुन करो चरन के चेरे, तुम स्वामी हम सेवक तेरे॥

विपत्ति हरन मंगल देवा अंगीकार करो यह सेवा।
मुदित भक्त विनती यह मोरी, देउ महाधन लाख करोरी॥

श्री मंगल जी की आरती हनुमत सहितासु गाई।
होइ मनोरथ सिद्ध जब अन्त विष्णुपुर जाई॥

Mangalvar Vrat Aarti in English

Mangal Muurati Jay Jay Hanumantaa, Mangal Mangal Dev Anantaa
Haath Vajr Owr Dhvajaa Viraaje, Kaandhe Muunj Janeu Saaje
Shankar Suvan Kesarii Nandan, Tej Prataap Mahaa Jag Vandana॥

Laal Langoṭ Laal Dou Nayanaa, Parvat Sam Phaarat Hai Senaa.
Kaal Akaal Juddh Kilakaarii, Desh Ujaarat Kruddh Apaarii॥

Raam Duut Atulit Baladhaamaa, Amjani Putr Pavan Sut Naamaa.
Mahaaviir Vikram Bajarangii, Kumati Nivaar Sumati Ke Sangii॥

Bhuumi Putr Kanchan Barasaave, Raajapaaṭ Pur Desh Divaava.
Shatrun Kaaṭ-Kaaṭ Mahin ḌAare, Bandhan Vyaadhi Vipatti Nivaaren॥

Aapan Tej Samhaaro Aape, Tiino Lok Haank Te Kaanpai.
Sab Sukh Lahain Tumhaarii SharaṆAa, Tum Rakshak Kaahuu Ko ḌAranaa॥

Tumhare Bhajan Sakal Samsaaraa, Dayaa Karo Sukh DṚShṬI Apaaraa.
Raamadaṇḍ Kaalahu Ko DaṇḌAa, Tumare Paras Hot Sab KhaṇḌAa॥

Pavan Putr Dharatii Ke Puutaa, Do Mil Kaaj Karo Avadhuutaa.
Har PraaṆIi SharaṆAagat Aaye, Charaṇ Kamal Men Shiish Navaaye॥

Rog Shok Bahut Vipatti Ghiraane, Daridr Duahkh Bandhan PrakaṬAane.
Tum Taj Owr N MeṬAn Haaraa, Dou Tum Ho Mahaaviir Apaaraa॥

Daaridr Dahan ṛṇ Traasaa, Karo Rog Duahsvapn Vinaashaa.
Shatrun Karo Charan Ke Chere, Tum Svaamii Ham Sevak Tere॥

Vipatti Haran Mangal Devaa Amgiikaar Karo Yah Sevaa.
Mudit Bhakt Vinatii Yah Morii, Deu Mahaadhan Laakh Karorii॥

Shrii Mangal Jii Kii Aaratii Hanumat Sahitaasu Gaaii.
Hoi Manorath Siddh Jab Ant VishṆUpur Jaaii॥

Jai Shri Ram Jai Hanuman.

Mangalvar Aarti Lyrics PDF:

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Mangalvar Vrat Aarti Images:

Mangalvar vrat aarti lyrics image

📖 मंगलवार व्रत आरती का महत्व:

Mangalvar Vrat Aarti का विशेष महत्व हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और आरती करने से:

  • भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • कर्ज और संकट से मुक्ति मिलती है
  • स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है
  • जीवन में सफलता और स्थिरता आती है

इसी कारण लाखों श्रद्धालु हर सप्ताह मंगलवार व्रत की आरती करते हैं।

⏰ मंगलवार की आरती का सही समय:

मंगलवार को आरती करने के लिए निम्न समय सबसे शुभ माने जाते हैं:

✅ प्रातः काल आरती

  • समय: सुबह 5:00 बजे से 8:00 बजे तक
  • लाभ: दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा से होती है

✅ संध्या काल आरती (सबसे श्रेष्ठ)

  • समय: शाम 6:00 बजे से 8:30 बजे तक
  • लाभ: मनोकामनाओं की पूर्ति और विशेष फल

✅ प्रदोष काल आरती

  • सूर्यास्त के बाद लगभग 45 मिनट
  • विशेष रूप से फलदायी माना जाता है

मंगलवार की आरती शाम के समय करना सबसे उत्तम माना जाता है।

🛕 किन मंदिरों में मंगलवार की आरती विशेष रूप से होती है?

भारत में कई प्रसिद्ध हनुमान मंदिर हैं जहाँ मंगलवार को भव्य आरती की जाती है:

🔸 सारंगपुर हनुमान मंदिर (गुजरात)

  • यहाँ मंगलवार को विशेष आरती और भोग लगता है
  • हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं

🔸 मेहंदीपुर बालाजी मंदिर (राजस्थान)

  • भूत-प्रेत बाधा निवारण के लिए प्रसिद्ध
  • मंगलवार को विशेष हनुमान आरती होती है

🔸 हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

  • श्रीराम नगरी का प्रमुख हनुमान मंदिर
  • मंगलवार को विशेष पूजा और आरती

🔸 जाखू हनुमान मंदिर (हिमाचल प्रदेश)

  • पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध मंदिर
  • मंगलवार को विशेष भक्तों की भीड़

इन मंदिरों में मंगलवार की आरती का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।

🪔 मंगलवार व्रत आरती की विधि:

Mangalvar Vrat Aarti Vidhi इस प्रकार है:

1️⃣ सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
2️⃣ व्रत का संकल्प लें
3️⃣ हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
4️⃣ सिंदूर, चोला, फूल और दीपक अर्पित करें
5️⃣ हनुमान चालीसा का पाठ करें
6️⃣ इसके बाद मंगलवार की आरती गाएं
7️⃣ अंत में प्रसाद वितरण करें

इस विधि से आरती करने पर पूर्ण फल प्राप्त होता है।

🙏 मंगलवार व्रत आरती के लाभ:

Mangalvar Vrat Aarti Benefits:

  • हनुमान जी की विशेष कृपा
  • भय और शत्रु बाधा से रक्षा
  • नौकरी और व्यापार में उन्नति
  • मानसिक शांति
  • परिवार में सुख-समृद्धि

नियमित आरती करने से जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

🌺 हनुमान चालीसा के साथ आरती का महत्व:

बहुत से भक्त Hanuman Chalisa + Mangalvar Aarti साथ में करते हैं।

✔️ पहले हनुमान चालीसा
✔️ फिर मंगलवार की आरती

इस क्रम से पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion):

Mangalvar Vrat Aarti | मंगलवार की आरती PDF भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावशाली माध्यम है। सही समय पर, विधि-विधान से और श्रद्धा के साथ आरती करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

यदि आप नियमित रूप से मंगलवार की आरती, हनुमान चालीसा और व्रत करते हैं, तो हनुमान जी की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है।

जय श्री हनुमान 🚩
जय बजरंगबली 🚩

FAQs: Mangalvar Vrat Aarti:

क्या मंगलवार को बिना व्रत आरती कर सकते हैं?

हाँ, व्रत न रखने पर भी श्रद्धा से आरती की जा सकती है।

कितने मंगलवार व्रत रखना चाहिए?

आमतौर पर 7, 11 या 21 मंगलवार का व्रत शुभ माना जाता है।

क्या घर पर आरती करना फलदायी है?

हाँ, घर पर भी पूरे नियम से आरती करने पर समान फल मिलता है।

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