मानव जीवन में कई बार ऐसे संकट आते हैं जिनसे निकलना असंभव प्रतीत होता है। ऐसी कठिन परिस्थितियों के लिए आदि गुरु शंकराचार्य जी ने Shri Sankatamochan Hanumath Stotram की रचना की है। यह स्तोत्र न केवल काव्य की दृष्टि से सुंदर है, बल्कि यह एक Powerful Spiritual Remedy भी है जो भक्तों के बड़े से बड़े कष्टों को पल भर में दूर कर सकता है।
यदि आप अपनी लाइफ में Obstacles removal, सुख-समृद्धि और हनुमान जी की असीम कृपा चाहते हैं, तो इस स्तोत्र का पाठ आपके लिए एक Divine Life-line साबित होगा।
श्री सङ्कष्टमोचन हनुमत् स्तोत्रम् (शङ्कराचार्य कृतम्)
सिन्दूरपूररुचिरो बलवीर्यसिन्धुः
बुद्धिप्रभावनिधिरद्भुतवैभवश्रीः ।
दीनार्तिदावदहनो वरदो वरेण्यः
सङ्कष्टमोचनविभुस्तनुतां शुभं नः ॥ १ ॥
सोत्साहलङ्घितमहार्णवपौरुषश्रीः
लङ्कापुरीप्रदहनप्रथितप्रभावः ।
घोराहवप्रमथितारिचयप्रवीरः
प्राभञ्जनिर्जयति मर्कटसार्वभौमः ॥ २ ॥
द्रोणाचलानयनवर्णितभव्यभूतिः
श्रीरामलक्ष्मणसहायकचक्रवर्ती ।
काशीस्थ दक्षिणविराजितसौधमल्लः
श्रीमारुतिर्विजयते भगवान् महेशः ॥ ३ ॥
नूनं स्मृतोऽपि ददते भजतां कपीन्द्रः
सम्पूजितो दिशति वाञ्छितसिद्धिवृद्धिम् ।
संमोदकप्रिय उपैति परं प्रहर्षं
रामायणश्रवणतः पठतां शरण्यः ॥ ४ ॥
श्रीभारतप्रवरयुद्धरथोद्धतश्रीः
पार्थैककेतनकरालविशालमूर्तिः ।
उच्चैर्घनाघनघटा विकटाट्टहासः
श्रीकृष्णपक्षभरणः शरणं ममाऽस्तु ॥ ५ ॥
जङ्घालजङ्घ उपमातिविदूरवेगो
मुष्टिप्रहारपरिमूर्छितराक्षसेन्द्रः ।
श्रीरामकीर्तनपराक्रमणोद्धवश्रीः
प्राकम्पनिर्विभुरुदञ्चतु भूतये नः ॥ ६ ॥
सीतार्तिदारणपटुः प्रबलः प्रतापी
श्रीराघवेन्द्रपरिरम्भवरप्रसादः ।
वर्णीश्वरः सविधिशिक्षितकालनेमिः
पञ्चाननोऽपनयतां विपदोऽधिदेशम् ॥ ७ ॥
उद्यद्भानुसहस्रसन्निभतनुः पीताम्बरालङ्कृतः
प्रोज्ज्वालानलदीप्यमाननयनो निष्पिष्टरक्षोगणः ।
संवर्तोद्यतवारिदोद्धतरवः प्रोच्चैर्गदाविभ्रमः
श्रीमान् मारुतनन्दनः प्रतिदिनं ध्येयो विपद्भञ्जनः ॥ ८ ॥
रक्षःपिशाचभयनाशनमामयाधि
प्रोच्चैर्ज्वरापहरणं हननं रिपूणाम् ।
सम्पत्तिपुत्रकरणं विजयप्रदानं
सङ्कष्टमोचनविभोः स्तवनं नराणाम् ॥ ९ ॥
दारिद्र्यदुःखदहनं शमनं विवादे
कल्याणसाधनममङ्गलवारणाय ।
दाम्पत्यदीर्घसुखसर्वमनोरथाप्तिं
श्रीमारुतेः स्तवशतावृतिरातनोति ॥ १० ॥
स्तोत्रं य एतदनुवासरमाप्तकामः
श्रीमारुतिं समनुचिन्त्य पठेत् सुधीरः ।
तस्मै प्रसादसुमुखो वरवानरेन्द्रः
साक्षात्कृतो भवति शाश्वतिकः सहायः ॥ ११ ॥
सङ्कष्टमोचनस्तोत्रं शङ्कराचार्यभिक्षुणा ।
महेश्वरेण रचितं मारुतेश्चरणेऽर्पितम् ॥ १२ ॥
इति काशीपीठाधीश्वर जगद्गुरुशङ्कराचार्यस्वामि श्रीमहेश्वरानन्दसरस्वतीविरचितं श्री सङ्कष्टमोचन हनुमत् स्तोत्रम् ।
Shri Sankatamochan Hanumath Stotram PDF Download
भक्तों की सुविधा के लिए हमने यहाँ श्री सङ्कष्टमोचन हनुमत् स्तोत्रम् PDF का लिंक दिया है। इस PDF में शुद्ध संस्कृत फोंट और स्पष्ट पाठ दिया गया है ताकि आप अपने स्मार्टफोन पर इसे कहीं भी आसानी से पढ़ सकें।
आदि गुरु शंकराचार्य कृत हनुमत् स्तोत्र क्या है? (What is this Stotram?)
आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा रचित इस स्तोत्र को ‘सङ्कष्टमोचन’ (Sankatamochan) कहा जाता है, जिसका अर्थ है: “संकटों को जड़ से उखाड़ फेंकने वाला”। हनुमान जी साक्षात Lord Shiva के रुद्र अवतार हैं, और शंकराचार्य जी ने इस स्तोत्र में उनके उसी शक्तिशाली और रक्षक स्वरूप की वंदना की है।
यह स्तोत्र उन लोगों के लिए विशेष है जो:
- Deep Financial Crises: लंबे समय से कर्ज या धन की कमी से जूझ रहे हैं।
- Health Issues: किसी पुरानी बीमारी या मानसिक अशांति (Mental Stress) से परेशान हैं।
- Family Disputes: परिवार में चल रहे क्लेश को खत्म करना चाहते हैं।
श्री सङ्कष्टमोचन हनुमत् स्तोत्रम् के अद्भुत लाभ (Top Benefits)
नियमित रूप से इस Sacred Hymn का पाठ करने से आपको निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
- Instant Relief from Troubles: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह स्तोत्र किसी भी Emergency Situation में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
- Victory over Fear: यह आपके मन से असफलता और मृत्यु के भय को निकाल कर Unstoppable Courage भर देता है।
- Blessings of Lord Rama: हनुमान जी की स्तुति करने से प्रभु श्री राम की कृपा स्वतः प्राप्त होती है, जिससे जीवन में स्थिरता (Stability) आती है।
- Planetary Peace: शनि (Saturn) की साढ़ेसाती और मंगल दोष के Negative Impacts को कम करने के लिए यह एक Proven Remedy है।
- Inner Peace and Focus: इसका पाठ करने से Mental Clarity बढ़ती है और साधक को आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
पाठ करने की सही विधि (Puja Vidhi & Rituals)
इस Shankaracharya Krutam Stotram का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- Best Day: मंगलवार (Tuesday) या शनिवार की सुबह या शाम को पाठ करना सबसे अधिक Effective है।
- Setup: हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- Offerings: हनुमान जी को लाल फूल (Rose/Hibiscus) और तुलसी दल अर्पित करें।
- Devotion: शांत बैठकर स्तोत्र का पाठ करें। यदि आप संस्कृत में कमजोर हैं, तो इसका हिंदी अर्थ (Hindi Meaning) भी पढ़ सकते हैं।
- Consistency: 2026 की अपनी Spiritual Goals लिस्ट में इस स्तोत्र को शामिल करें और कम से कम 21 दिनों तक लगातार पाठ करें।
निष्कर्ष: Shri Sankatamochan Hanumath Stotram एक ऐसा आध्यात्मिक अस्त्र है जो आपके जीवन के हर ‘अंधेरे’ को ‘प्रकाश’ में बदल सकता है। हनुमान जी के चरणों में खुद को समर्पित करें और पूर्ण विश्वास के साथ इस स्तोत्र का आश्रय लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (5 Essential FAQs)
क्या यह स्तोत्र ‘हनुमान अष्टक’ से अलग है?
हाँ, हनुमान अष्टक (तुलसीदास जी द्वारा रचित) अलग है और शंकराचार्य जी द्वारा रचित यह स्तोत्र अलग है। हालांकि दोनों का उद्देश्य संकटों का नाश करना ही है।
इस स्तोत्र का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
सामान्यतः दिन में एक बार पाठ करना पर्याप्त है, लेकिन किसी Big Problem के समाधान के लिए सुबह-शाम 3-3 बार पाठ करना अधिक लाभकारी होता है।
क्या महिलाएं इस स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं?
बिल्कुल, महिलाएं पूरी श्रद्धा और स्वच्छता के साथ इस स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं। यह उन्हें Mental Strength और सुरक्षा प्रदान करता है।
क्या इसके लिए किसी विशेष दीक्षा की आवश्यकता है?
नहीं, आदि गुरु शंकराचार्य जी की रचनाएं जन-कल्याण के लिए हैं। आप हनुमान जी को अपना गुरु मानकर पाठ शुरू कर सकते हैं।
इस स्तोत्र का पाठ करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) या शाम को सूर्यास्त के समय इसका पाठ करना सबसे अधिक Powerful Vibrations पैदा करता है।
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