Shri Panchamukha Hanuman Mala Mantram हनुमान जी की उपासना में Mala Mantram का स्थान अत्यंत ऊँचा माना गया है। साधारण मन्त्रों की तुलना में माला मन्त्र अधिक लम्बे और Powerful vibrations से युक्त होते हैं। इनमें देवता की पूरी शक्ति और उनके आयुधों (Weapons) का वर्णन होता है।
Shri Panchamukha Hanuman Mala Mantram (श्री पञ्चमुख हनुमन् माला मन्त्रम्) एक ऐसा गुप्त और सिद्ध मन्त्र है, जिसका पाठ करने से साधक के चारों ओर एक Invincible protective shield तैयार हो जाती है। यदि आप जीवन की बड़ी बाधाओं, असाध्य रोगों या शत्रुओं के Negative influence से मुक्ति चाहते हैं, तो यह माला मन्त्र आपके लिए एक Ultimate Spiritual Weapon है।
श्री पञ्चमुख हनुमन् माला मन्त्रम्
ओं ह्रौं क्ष्रौं ग्लौं हुं ह्सौं ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते प्रकट पराक्रमाक्रान्त सकलदिङ्मण्डलाय, निजकीर्ति स्फूर्तिधावल्य वितानायमान जगत्त्रितयाय, अतुलबलैश्वर्य रुद्रावताराय, मैरावण मदवारण गर्व निर्वापणोत्कण्ठ कण्ठीरवाय, ब्रह्मास्त्रगर्व सर्वङ्कषाय, वज्रशरीराय, लङ्कालङ्कारहारिणे, तृणीकृतार्णवलङ्घनाय, अक्षशिक्षण विचक्षणाय, दशग्रीव गर्वपर्वतोत्पाटनाय, लक्ष्मण प्राणदायिने, सीतामनोल्लासकराय, राममानस चकोरामृतकराय, मणिकुण्डलमण्डित गण्डस्थलाय, मन्दहासोज्ज्वलन्मुखारविन्दाय, मौञ्जी कौपीन विराजत्कटितटाय, कनकयज्ञोपवीताय, दुर्वार वारकीलित लम्बशिखाय, तटित्कोटि समुज्ज्वल पीताम्बरालङ्कृताय, तप्त जाम्बूनदप्रभाभासुर रम्य दिव्यमङ्गल विग्रहाय, मणिमयग्रैवेयाङ्गद हारकिङ्किणी किरीटोदारमूर्तये, रक्तपङ्केरुहाक्षाय, त्रिपञ्चनयन स्फुरत्पञ्चवक्त्र खट्वाङ्ग त्रिशूल खड्गोग्र पाशाङ्कुश क्ष्माधर भूरुह कौमोदकी कपाल हलभृद्दशभुजाटोपप्रताप भूषणाय, वानर नृसिंह तार्क्ष्य वराह हयग्रीवानन धराय, निरङ्कुश वाग्वैभवप्रदाय, तत्त्वज्ञानदायिने, सर्वोत्कृष्ट फलप्रदाय, सुकुमार ब्रह्मचारिणे, भरत प्राणसंरक्षणाय, गम्भीरशब्दशालिने, सर्वपापविनाशाय, राम सुग्रीव सन्धान चातुर्य प्रभावाय, सुग्रीवाह्लादकारिणे, वालि विनाशकारणाय, रुद्रतेजस्विने वायुनन्दनाय, अञ्जनागर्भरत्नाकरामृतकराय, निरन्तर रामचन्द्रपादारविन्द मकरन्द मत्त मधुरकरायमाण मानसाय, निजवाल वलयीकृत कपिसैन्य प्राकाराय, सकल जगन्मोदकोत्कृष्टकार्य निर्वाहकाय, केसरीनन्दनाय, कपिकुञ्जराय, भविष्यद्ब्रह्मणे, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते तेजोराशे एह्येहि देवभयं असुरभयं गन्धर्वभयं यक्षभयं ब्रह्मराक्षसभयं भूतभयं प्रेतभयं पिशाचभयं विद्रावय विद्रावय, राजभयं चोरभयं शत्रुभयं सर्पभयं वृश्चिकभयं मृगभयं पक्षिभयं क्रिमिभयं कीटकभयं खादय खादय, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते जगदाश्चर्यकर शौर्यशालिने एह्येहि श्रवणजभूतानां दृष्टिजभूतानां शाकिनी ढाकिनी कामिनी मोहिनीनां भेताल ब्रह्मराक्षस सकल कूश्माण्डानां विषयदुष्टानां विषमविशेषजानां भयं हर हर मथ मथ भेदय भेदय छेदय छेदय मारय मारय शोषय शोषय प्रहारय प्रहारय, ठठठठ खखखख खेखे ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते शृङ्खलाबन्ध विमोचनाय उमामहेश्वर तेजो महिमावतार सर्वविषभेदन सर्वभयोत्पाटन सर्वज्वरच्छेदन सर्वभयभञ्जन, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते कबलीकृतार्कमण्डल भूतमण्डल प्रेतमण्डल पिशाचमण्डलान्निर्घाटय निर्घाटाय भूतज्वर प्रेतज्वर पिशाचज्वर माहेश्वरज्वर भेतालज्वर ब्रह्मराक्षसज्वर ऐकाहिकज्वर द्व्याहिकज्वर त्र्याहिकज्वर चातुर्थिकज्वर पाञ्चरात्रिकज्वर विषमज्वर दोषज्वर ब्रह्मराक्षसज्वर भेतालपाश महानागकुलविषं निर्विषं कुरु कुरु झट झट दह दह, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते कालरुद्र रौद्रावतार सर्वग्रहानुच्चाटयोच्चाटय आह आह एहि एहि दशदिशो बन्ध बन्ध सर्वतो रक्ष रक्ष सर्वशत्रून् कम्पय कम्पय मारय मारय दाहय दाहय कबलय कबलय सर्वजनानावेशय आवेशय मोहय मोहय आकर्षय आकर्षय, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते जगद्गीतकीर्तये प्रत्यर्थिदर्प दलनाय परमन्त्रदर्प दलनाय परमन्त्रप्राणनाशाय आत्ममन्त्र परिरक्षणाय परबलं खादय खादय क्षोभय क्षोभय हारय हारय त्वद्भक्त मनोरथानि पूरय पूरय सकलसञ्जीविनीनायक वरं मे दापय दापय, ओं नमो भगवते पञ्चवक्त्र हनूमते ओं ह्रौं क्ष्रौं ग्लौं हुं ह्सौं श्रीं भ्रीं घ्रीं ओं न्रूं क्लीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः हुं फट् खे खे हुं फट् स्वाहा ।
इति श्री पञ्चमुख हनुमन्माला मन्त्रम् ।
Shri Panchamukha Hanuman Mala Mantram PDF Download
भक्तों की सुविधा के लिए हमने यहाँ श्री पञ्चमुख हनुमन् माला मन्त्रम् PDF का लिंक दिया है। इस PDF में संस्कृत के मूल श्लोकों के साथ स्पष्ट फोंट दिए गए हैं ताकि आप इसे अपने मोबाइल या टैबलेट पर आसानी से पढ़ सकें।
पंचमुख हनुमन् माला मन्त्र क्या है? (What is Mala Mantram?)
‘माला मन्त्र’ वह मन्त्र होता है जिसमें अक्षरों की संख्या बहुत अधिक होती है और जिसे एक माला की तरह पिरोया जाता है। Panchamukha Hanuman स्वरूप में हनुमान जी के पाँच मुख (वानर, नरसिंह, गरुड़, वराह, और हयग्रीव) हैं।
यह माला मन्त्र इन पाँचों स्वरूपों की संयुक्त ऊर्जा (Combined Energy) को जाग्रत करता है। इसे Dashadig-bandhana (दसों दिशाओं को बांधने वाला) मन्त्र भी कहा जाता है, जो किसी भी बाहरी बुरी शक्ति को आप तक पहुँचने नहीं देता।
श्री पञ्चमुख हनुमन् माला मन्त्रम् के अद्भुत लाभ (Top Benefits)
इस Divine Mantra का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से आपको निम्नलिखित Spiritual and Material benefits मिलते हैं:
- Complete Protection: यह मन्त्र आपको Black Magic, Witchcraft और Evil Eye (नजर दोष) के खतरनाक प्रभावों से सुरक्षित रखता है।
- Planetary Peace: शनि की साढ़ेसाती, राहु और केतु की महादशा के Negative impacts को शांत करने के लिए यह एक Proven Remedy है।
- Fear Removal: यदि आप रात को डरते हैं या Anxiety के शिकार हैं, तो यह मन्त्र आपके भीतर Lion-like Courage (शेर जैसा साहस) भर देता है।
- Victory in Crises: अचानक आने वाले संकटों और दुर्घटनाओं से बचने के लिए यह एक Powerful Shield की तरह काम करता है।
- Mental Clarity: यह मन्त्र आपके Concentration और मानसिक फोकस को बढ़ाता है, जिससे जीवन के कठिन निर्णय लेना आसान हो जाता है।
पाठ और साधना की सही विधि (Puja Vidhi & Rituals)
Mala Mantram की शक्ति बहुत अधिक होती है, इसलिए इसे सही Rituals के साथ करना अनिवार्य है:
- Auspicious Day: मंगलवार (Tuesday) या शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में साधना शुरू करें।
- Setup: हनुमान जी की पंचमुखी प्रतिमा के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
- Seat: कुश के आसन या लाल रंग के ऊनी वस्त्र पर बैठें।
- Offerings: हनुमान जी को सिंदूर, तुलसी की माला और गुड़-चने का भोग लगाएं।
- Recitation: इस माला मन्त्र का कम से कम 1 या 3 बार पाठ करें। चूंकि यह लम्बा होता है, इसलिए शुद्ध उच्चारण (Pure Pronunciation) पर विशेष ध्यान दें।
निष्कर्ष: Shri Panchamukha Hanuman Mala Mantram साक्षात सुरक्षा का दिव्य स्वरूप है। जो भक्त पूर्ण विश्वास के साथ इस माला मन्त्र का आश्रय लेते हैं, हनुमान जी स्वयं उनकी दसों दिशाओं से रक्षा करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (5 Essential FAQs)
माला मन्त्र साधारण मन्त्र से कैसे अलग है?
माला मन्त्र अधिक विस्तृत होता है और इसमें देवता के स्वरूप का पूरा वर्णन होता है। इसकी Energy frequency बहुत तीव्र होती है जो कठिन बाधाओं को तुरंत नष्ट करने की क्षमता रखती है।
क्या इस मन्त्र का पाठ रोज करना चाहिए?
जी हाँ, यदि आप सुरक्षा और Spiritual Growth चाहते हैं, तो प्रतिदिन एक बार इसका पाठ करना बहुत फायदेमंद है।
क्या बिना गुरु के इस माला मन्त्र का पाठ किया जा सकता है?
सामान्य भक्ति के लिए आप हनुमान जी को ही अपना गुरु मानकर पाठ कर सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष तांत्रिक सिद्धि के लिए गुरु मार्गदर्शन आवश्यक है।
क्या महिलाएं पंचमुख हनुमन् माला मन्त्र का पाठ कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं पूरी शुद्धता और श्रद्धा के साथ इसका पाठ कर सकती हैं। यह उन्हें Mental Strength और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
इस पाठ का सबसे अच्छा फल कब मिलता है?
मंगलवार की आधी रात (Nishita Kaal) या सुबह सूर्योदय के समय किया गया पाठ सबसे अधिक Effective माना जाता है।
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