Shri Hanuman Kavacham 1 हिंदू धर्म में हनुमान जी को “संकट मोचन” कहा गया है। उनके कई स्तोत्रों में Shri Hanuman Kavacham 1 का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘कवच’ का शाब्दिक अर्थ होता है सुरक्षा प्रदान करने वाला गियर या ढाल। जिस प्रकार युद्ध के मैदान में कवच सैनिक की रक्षा करता है, उसी प्रकार यह Spiritual Armor भक्त की दसों दिशाओं से रक्षा करता है।
यदि आप निरंतर भय (Fear), मानसिक तनाव या नकारात्मक शक्तियों (Negative Energy) से घिरे महसूस करते हैं, तो श्री हनुमत् कवचम् का पाठ आपके जीवन में Positive Vibrations लाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
श्री हनुमत् कवचम् १
अस्य श्री हनुमत् कवचस्तोत्रमहामन्त्रस्य वसिष्ठ ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्री हनुमान् देवता मारुतात्मज इति बीजं अञ्जनासूनुरिति शक्तिः वायुपुत्र इति कीलकं हनुमत्प्रसाद सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ॥
उल्लङ्घ्य सिन्धोस्सलिलं सलीलं
यश्शोकवह्निं जनकात्मजायाः ।
आदाय तेनैव ददाह लङ्कां
नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ॥ १ ॥
मनोजवं मारुततुल्यवेगं
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं
श्रीरामदूतं शिरसा नमामि ॥ २ ॥
उद्यदादित्यसङ्काशं उदारभुजविक्रमम् ।
कन्दर्पकोटिलावण्यं सर्वविद्याविशारदम् ॥ ३ ॥
श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम् ।
अभयं वरदं दोर्भ्यां कलये मारुतात्मजम् ॥ ४ ॥
श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥ ५ ॥
पादौ वायुसुतः पातु रामदूतस्तदङ्गुलीः ।
गुल्फौ हरीश्वरः पातु जङ्घे चार्णवलङ्घनः ॥ ६ ॥
जानुनी मारुतिः पातु ऊरू पात्वसुरान्तकः ।
गुह्यं वज्रतनुः पातु जघनं तु जगद्धितः ॥ ७ ॥
आञ्जनेयः कटिं पातु नाभिं सौमित्रिजीवनः ।
उदरं पातु हृद्गेही हृदयं च महाबलः ॥ ८ ॥
वक्षो वालायुधः पातु स्तनौ चाऽमितविक्रमः ।
पार्श्वौ जितेन्द्रियः पातु बाहू सुग्रीवमन्त्रकृत् ॥ ९ ॥
करावक्ष जयी पातु हनुमांश्च तदङ्गुलीः ।
पृष्ठं भविष्यद्र्बह्मा च स्कन्धौ मति मतां वरः ॥ १० ॥
कण्ठं पातु कपिश्रेष्ठो मुखं रावणदर्पहा ।
वक्त्रं च वक्तृप्रवणो नेत्रे देवगणस्तुतः ॥ ११ ॥
ब्रह्मास्त्रसन्मानकरो भ्रुवौ मे पातु सर्वदा ।
कामरूपः कपोले मे फालं वज्रनखोऽवतु ॥ १२ ॥
शिरो मे पातु सततं जानकीशोकनाशनः ।
श्रीरामभक्तप्रवरः पातु सर्वकलेबरम् ॥ १३ ॥
मामह्नि पातु सर्वज्ञः पातु रात्रौ महायशाः ।
विवस्वदन्तेवासी च सन्ध्ययोः पातु सर्वदा ॥ १४ ॥
ब्रह्मादिदेवतादत्तवरः पातु निरन्तरम् ।
य इदं कवचं नित्यं पठेच्च शृणुयान्नरः ॥ १५ ॥
दीर्घमायुरवाप्नोति बलं दृष्टिं च विन्दति ।
पादाक्रान्ता भविष्यन्ति पठतस्तस्य शत्रवः ।
स्थिरां सुकीर्तिमारोग्यं लभते शाश्वतं सुखम् ॥ १६ ॥
इति निगदितवाक्यवृत्त तुभ्यं
सकलमपि स्वयमाञ्जनेय वृत्तम् ।
अपि निजजनरक्षणैकदीक्षो
वशग तदीय महामनुप्रभावः ॥ १७ ॥
इति श्री हनुमत् कवचम् ।
Shri Hanuman Kavacham 1 PDF Download
भक्तों की सुविधा के लिए हमने यहाँ श्री हनुमत् कवचम् १ PDF का लिंक दिया है। इस PDF में शुद्ध संस्कृत श्लोकों के साथ स्पष्ट फोंट दिए गए हैं, जिसे आप अपने मोबाइल या लैपटॉप पर सुरक्षित रख सकते हैं और अपनी Daily Puja में उपयोग कर सकते हैं।
हनुमत् कवचम् १ क्या है? (What is Hanuman Kavacham 1?)
शास्त्रों के अनुसार, यह कवच भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी की शक्तियों का एक संपुट है। Shri Hanuman Kavacham 1 मुख्य रूप से व्यक्ति के शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा के लिए प्रार्थना करता है। इसे ‘अदृश्य ढाल’ (Invisible Shield) माना जाता है जो किसी भी प्रकार के काले जादू (Black Magic), नजर दोष (Evil Eye) और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को निष्क्रिय कर देता है।
श्री हनुमत् कवचम् पाठ के अद्भुत लाभ (Powerful Benefits)
नियमित रूप से Hanuman Kavacham 1 का पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
- Ultimate Protection: यह शत्रुओं के षड्यंत्र और अचानक आने वाली दुर्घटनाओं से आपकी रक्षा करता है।
- Success in Business & Career: यदि आप करियर में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो यह कवच आपकी Success and Growth के बंद रास्ते खोल देता है।
- Mental Strength: यह मन के डर को खत्म कर Self-confidence और साहस (Courage) बढ़ाता है।
- Health and Well-being: पुराने रोगों और शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए यह एक Effective Healing Tool है।
- Shani Dosh Nivaran: शनि देव के प्रकोप या साढ़ेसाती के दौरान इस कवच का पाठ करने से Negative Impacts काफी हद तक कम हो जाते हैं।
पाठ करने की सही विधि (Puja Vidhi & Rituals)
इस Divine Kavacham का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- Ideal Time: इसका पाठ सुबह सूर्योदय के समय या मंगलवार (Tuesday) और शनिवार की शाम को करना सबसे उत्तम है।
- Cleanliness: स्नान के बाद स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
- Sankalpa: हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना (Intention) बोलें और श्री हनुमान जी का ध्यान करें।
- Recitation: शांत मन से Shri Hanuman Kavacham 1 के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण करें। पाठ के बाद हनुमान चालीसा पढ़ना सोने पर सुहागा जैसा है।
निष्कर्ष: Shri Hanuman Kavacham 1 केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि एक जागृत शक्ति है। जो भक्त पूर्ण विश्वास के साथ इस कवच का आश्रय लेते हैं, हनुमान जी स्वयं उनकी छाया बनकर रक्षा करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (5 Essential FAQs)
क्या हनुमान कवच और हनुमान चालीसा एक ही हैं?
नहीं, हनुमान चालीसा उनकी स्तुति है, जबकि Hanuman Kavacham एक विशिष्ट सुरक्षा मंत्र है जो शरीर के अंगों की रक्षा के लिए अभिमंत्रित है।
क्या मैं बिना किसी गुरु के इस कवच का पाठ कर सकता हूँ?
हाँ, हनुमान जी साक्षात देवता हैं। आप शुद्ध मन और अटूट श्रद्धा के साथ उन्हें अपना गुरु मानकर पाठ शुरू कर सकते हैं।
इस कवच का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
सामान्य सुरक्षा के लिए प्रतिदिन एक बार पाठ पर्याप्त है। विशेष संकट के समय इसे दिन में 3, 7 या 11 बार पढ़ना More Effective होता है।
क्या महिलाएं हनुमत् कवच का पाठ कर सकती हैं?
बिल्कुल! महिलाएं शुद्धता का ध्यान रखते हुए इसका पाठ कर सकती हैं। यह उन्हें Mental Strength और सुरक्षा प्रदान करता है।
क्या इसे घर के बाहर पढ़ा जा सकता है?
हाँ, यदि आप यात्रा पर हैं या ऑफिस में हैं, तो आप Digital PDF की मदद से मन ही मन इसका पाठ कर सकते हैं।
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