Sri Hanuman Ashtottara Shatanamavali | श्री हनुमान् अष्टोत्तरशतनामावली PDF

हिंदू धर्म में हनुमान जी की भक्ति संकटों से मुक्ति और शक्ति प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग मानी गई है। वैसे तो हनुमान चालीसा का पाठ हर घर में होता है, लेकिन Sri Hanuman Ashtottara Shatanamavali (हनुमान जी के 108 नाम) का जाप आध्यात्मिक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है।

यदि आप अपने जीवन में सुख, शांति और Success चाहते हैं, तो इन 108 नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करना एक Life-changing experience हो सकता है। इस लेख में हमने आपके लिए Sri Hanuman Ashtottara Shatanamavali PDF और इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया है।

Hanuman Ji Ke 108 Naam

ओं हनुमते नमः ।
ओं अञ्जनापुत्राय नमः ।
ओं वायुसूनवे नमः ।
ओं महाबलाय नमः ।
ओं रामदूताय नमः ।
ओं हरिश्रेष्ठाय नमः ।
ओं सूरिणे नमः ।
ओं केसरिनन्दनाय नमः ।
ओं सूर्यश्रेष्ठाय नमः |९|

ओं महाकायाय नमः ।
ओं वज्रिणे नमः ।
ओं वज्रप्रहारवते नमः ।
ओं महासत्त्वाय नमः ।
ओं महारूपाय नमः ।
ओं ब्रह्मण्याय नमः ।
ओं ब्राह्मणप्रियाय नमः ।
ओं मुख्यप्राणाय नमः ।
ओं महाभीमाय नमः |१८|

ओं पूर्णप्रज्ञाय नमः ।
ओं महागुरवे नमः ।
ओं ब्रह्मचारिणे नमः ।
ओं वृक्षधराय नमः ।
ओं पुण्याय नमः ।
ओं श्रीरामकिङ्कराय नमः ।
ओं सीताशोकविनाशिने नमः ।
ओं सिंहिकाप्राणनाशकाय नमः ।
ओं मैनाकगर्वभङ्गाय नमः । २७

ओं छायाग्रहनिवारकाय नमः ।
ओं लङ्कामोक्षप्रदाय नमः ।
ओं देवाय नमः ।
ओं सीतामार्गणतत्पराय नमः ।
ओं रामाङ्गुलिप्रदात्रे नमः ।
ओं सीताहर्षविवर्धनाय नमः ।
ओं महारूपधराय नमः ।
ओं दिव्याय नमः ।
ओं अशोकवननाशकाय नमः । ३६

ओं मन्त्रिपुत्रहराय नमः ।
ओं वीराय नमः ।
ओं पञ्चसेनाग्रमर्दनाय नमः ।
ओं दशकण्ठसुतघ्नाय नमः ।
ओं ब्रह्मास्त्रवशगाय नमः ।
ओं अव्ययाय नमः ।
ओं दशास्यसल्लापपराय नमः ।
ओं लङ्कापुरविदाहकाय नमः ।
ओं तीर्णाब्धये नमः |४५|

ओं कपिराजाय नमः ।
ओं कपियूथप्ररञ्जकाय नमः ।
ओं चूडामणिप्रदात्रे नमः ।
ओं श्रीवश्याय नमः ।
ओं प्रियदर्शकाय नमः ।
ओं कौपीनकुण्डलधराय नमः ।
ओं कनकाङ्गदभूषणाय नमः ।
ओं सर्वशास्त्रसुसम्पन्नाय नमः ।
ओं सर्वज्ञाय नमः । ५४

ओं ज्ञानदोत्तमाय नमः ।
ओं मुख्यप्राणाय नमः ।
ओं महावेगाय नमः ।
ओं शब्दशास्त्रविशारदाय नमः ।
ओं बुद्धिमते नमः ।
ओं सर्वलोकेशाय नमः ।
ओं सुरेशाय नमः ।
ओं लोकरञ्जकाय नमः ।
ओं लोकनाथाय नमः । ६३

ओं महादर्पाय नमः ।
ओं सर्वभूतभयापहाय नमः ।
ओं रामवाहनरूपाय नमः ।
ओं सञ्जीवाचलभेदकाय नमः ।
ओं कपीनां प्राणदात्रे नमः ।
ओं लक्ष्मणप्राणरक्षकाय नमः ।
ओं रामपादसमीपस्थाय नमः ।
ओं लोहितास्याय नमः ।
ओं महाहनवे नमः |७२|

ओं रामसन्देशकर्त्रे नमः ।
ओं भरतानन्दवर्धनाय नमः ।
ओं रामाभिषेकलोलाय नमः ।
ओं रामकार्यधुरन्धराय नमः ।
ओं कुन्तीगर्भसमुत्पन्नाय नमः ।
ओं भीमाय नमः ।
ओं भीमपराक्रमाय नमः ।
ओं लाक्षागृहाद्विनिर्मुक्ताय नमः ।
ओं हिडिम्बासुरमर्दनाय नमः । ८१

ओं धर्मानुजाय नमः ।
ओं पाण्डुपुत्राय नमः ।
ओं धनञ्जयसहायवते नमः ।
ओं बलासुरवधोद्युक्ताय नमः ।
ओं तद्ग्रामपरिरक्षकाय नमः ।
ओं नित्यं भिक्षाहाररताय नमः ।
ओं कुलालगृहमध्यगाय नमः ।
ओं पाञ्चाल्युद्वाहसञ्जातसम्मोदाय नमः ।
ओं बहुकान्तिमते नमः । ९०

ओं विराटनगरे गूढचराय नमः ।
ओं कीचकमर्दनाय नमः ।
ओं दुर्योधननिहन्त्रे नमः ।
ओं जरासन्धविमर्दनाय नमः ।
ओं सौगन्धिकापहर्त्रे नमः ।
ओं द्रौपदीप्राणवल्लभाय नमः ।
ओं पूर्णबोधाय नमः ।
ओं व्यासशिष्याय नमः ।
ओं यतिरूपाय नमः । ९९

ओं महामतये नमः ।
ओं दुर्वादिगजसिंहस्य तर्कशास्त्रस्य खण्डनाय नमः ।
ओं बौद्धागमविभेत्त्रे नमः ।
ओं साङ्ख्यशास्त्रस्य दूषकाय नमः ।
ओं द्वैतशास्त्रप्रणेत्रे नमः ।
ओं वेदव्यासमतानुगाय नमः ।
ओं पूर्णानन्दाय नमः ।
ओं पूर्णसत्वाय नमः ।
ओं पूर्णवैराग्यसागराय नमः |१०८|


अष्टोत्तर शतनामावली का आध्यात्मिक महत्व (Significance)

Ashtottara Shatanamavali का अर्थ है “108 नामों की नामावली”। शास्त्रों के अनुसार, 108 की संख्या ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) का प्रतीक है। हनुमान जी के इन 108 नामों में उनके गुणों, शक्तियों और वीरता का वर्णन है।

  • Removal of Obstacles: इन नामों का जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं (Hurdles) दूर हो जाती हैं।
  • Mental Peace & Courage: यदि आप तनाव या अज्ञात भय (Anxiety) से गुजर रहे हैं, तो ये नाम आपके भीतर Self-confidence भर देते हैं।
  • Planetary Peace: विशेष रूप से शनि (Saturn) और मंगल (Mars) के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए यह एक Effective Spiritual remedy है।

श्री हनुमान् अष्टोत्तरशतनामावली पाठ की विधि (How to Recite)

किसी भी स्तोत्र का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसे सही Rituals के साथ किया जाए:

  1. Preparation: सुबह स्नान के बाद साफ लाल वस्त्र धारण करें।
  2. Direction: पूजा के दौरान आपका मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर होना चाहिए।
  3. Offerings: हनुमान जी की प्रतिमा के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और लाल फूल अर्पित करें।
  4. Devotion: प्रत्येक नाम के बाद “नमः” लगाएं, जैसे – ॐ हनुमते नमः, ॐ अंजनी सुताय नमः

Sri Hanuman Ashtottara Shatanamavali PDF Download

भक्तों की सुविधा के लिए हमने श्री हनुमान् अष्टोत्तरशतनामावली PDF का लिंक नीचे दिया है। आप इसे अपने फोन में सुरक्षित रख सकते हैं ताकि यात्रा के दौरान या सुबह की पूजा में आसानी से पाठ कर सकें। यह PDF शुद्ध उच्चारण और स्पष्ट फोंट के साथ तैयार की गई है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (5 Essential FAQs)

हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ कब करना चाहिए?

वैसे तो आप इसका पाठ प्रतिदिन कर सकते हैं, लेकिन मंगलवार (Tuesday) और शनिवार (Saturday) को इसका पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

क्या 108 नामों के जाप से शनि दोष दूर होता है?

जी हाँ, हनुमान जी के नामों का जाप करने वाले भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते। यह Shani Dosh removal के लिए एक बहुत ही Powerful tool है।

क्या मैं इस नामावली का पाठ ऑफिस में या यात्रा के दौरान कर सकता हूँ?

बिल्कुल! आप Digital PDF की मदद से कहीं भी पाठ कर सकते हैं, बस मन में श्रद्धा और तन की शुद्धता का ध्यान रखें।

अष्टोत्तर शतनामावली और हनुमान चालीसा में क्या अंतर है?

हनुमान चालीसा एक स्तुति है जिसमें उनके चरित्र का वर्णन है, जबकि Ashtottara Shatanamavali भगवान के 108 विशिष्ट नामों (Divinity names) का संग्रह है जिसका उपयोग अक्सर Archana या नाम-जप के लिए किया जाता है।

इस पाठ को करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

सूर्योदय के समय (Brahma Muhurta) पाठ करना सबसे उत्तम है क्योंकि उस समय वातावरण में Positive vibrations अधिक होती हैं।