Shri Hanuman Tandav Stotram | श्री हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम् PDF

Shri Hanuman Tandav Stotram जब हम ‘ताण्डव’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में भगवान शिव का शक्तिशाली स्वरूप आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिव के ही अंशावतार पवनपुत्र हनुमान जी की स्तुति में भी एक अत्यंत ऊर्जावान स्तोत्र है, जिसे Shri Hanuman Tandav Stotram कहा जाता है?

यह स्तोत्र अपनी लय, गति और High-vibrational energy के लिए जाना जाता है। यदि आप अपने भीतर के आत्मविश्वास (Confidence) को जगाना चाहते हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं और जीवन की सुस्ती को दूर कर Dynamic energy से भरना चाहते हैं, तो यह स्तोत्र आपके लिए सर्वोत्तम है।

श्री हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम्

वन्दे सिन्दूरवर्णाभं लोहिताम्बरभूषितम् ।
रक्ताङ्गरागशोभाढ्यं शोणपुच्छं कपीश्वरम् ॥

भजे समीरनन्दनं सुभक्तचित्तरञ्जनं
दिनेशरूपभक्षकं समस्तभक्तरक्षकम् ।
सुकण्ठकार्यसाधकं विपक्षपक्षबाधकं
समुद्रपारगामिनं नमामि सिद्धकामिनम् ॥ १ ॥

सुशङ्कितं सुकण्ठमुक्तवान् हि यो हितं वच-
-स्त्वमाशु धैर्यमाश्रयात्र वो भयं कदापि न ।
इति प्लवङ्गनाथभाषितं निशम्य वानरा-
-ऽधिनाथ आप शं तदा स रामदूत आश्रयः ॥ २ ॥

सुदीर्घबाहुलोचनेन पुच्छगुच्छशोभिना
भुजद्वयेन सोदरौ निजांसयुग्ममास्थितौ ।
कृतौ हि कोसलाधिपौ कपीशराजसन्निधौ
विदेहजेशलक्ष्मणौ स मे शिवं करोत्वरम् ॥ ३ ॥

सुशब्दशास्त्रपारगं विलोक्य रामचन्द्रमाः
कपीशनाथसेवकं समस्तनीतिमार्गगम् ।
प्रशस्य लक्ष्मणं प्रति प्रलम्बबाहुभूषितः
कपीन्द्रसख्यमाकरोत् स्वकार्यसाधकः प्रभुः ॥ ४ ॥

प्रचण्डवेगधारिणं नगेन्द्रगर्वहारिणं
फणीशमातृगर्वहृद्दशास्यवासनाशकृत् ।
विभीषणेन सख्यकृद्विदेहजातितापहृत्
सुकण्ठकार्यसाधकं नमामि यातुघातुकम् ॥ ५ ॥

नमामि पुष्पमालिनं सुवर्णवर्णधारिणं
गदायुधेन भूषितं किरीटकुण्डलान्वितम् ।
सुपुच्छगुच्छतुच्छलङ्कदाहकं सुनायकं
विपक्षपक्षराक्षसेन्द्रसर्ववंशनाशकम् ॥ ६ ॥

रघूत्तमस्य सेवकं नमामि लक्ष्मणप्रियं
दिनेशवंशभूषणस्य मुद्रिकाप्रदर्शकम् ।
विदेहजातिशोकतापहारिणं प्रहारिणं
सुसूक्ष्मरूपधारिणं नमामि दीर्घरूपिणम् ॥ ७ ॥

नभस्वदात्मजेन भास्वता त्वया कृतामहासहा-
-यता यया द्वयोर्हितं ह्यभूत् स्वकृत्यतः ।
सुकण्ठ आप तारकां रघूत्तमो विदेहजां
निपात्य वालिनं प्रभुस्ततो दशाननं खलम् ॥ ८ ॥

इमं स्तवं कुजेऽह्नि यः पठेत् सुचेतसा नरः
कपीशनाथसेवको भुनक्ति सर्वसम्पदः ।
प्लवङ्गराजसत्कृपाकटाक्षभाजनः सदा
न शत्रुतो भयं भवेत्कदापि तस्य नुस्त्विह ॥ ९ ॥

नेत्राङ्गनन्दधरणीवत्सरेऽनङ्गवासरे ।
लोकेश्वराख्यभट्टेन हनुमत्ताण्डवं कृतम् ॥ १० ॥

इति श्री हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम् ॥

Shri Hanuman Tandav Stotram PDF Download

भक्तों की सुविधा के लिए हमने यहाँ श्री हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम् PDF का लिंक दिया है। इस PDF में मूल संस्कृत पाठ और उसके अर्थ को स्पष्ट रूप से दिया गया है, ताकि आप अपने स्मार्टफोन पर इसे कहीं भी पढ़ सकें।


हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम् क्या है? (Understanding Hanuman Tandav Stotram)

Hanuman Tandav Stotram हनुमान जी के वीरतापूर्ण कार्यों, उनके विशाल स्वरूप और उनकी असीम शक्ति का वर्णन करता है। यह स्तोत्र संस्कृत के कठिन शब्दों और ‘छंद’ के मेल से बना है, जो पाठ करते समय शरीर में एक अलग ही प्रकार का Adrenaline rush और आध्यात्मिक चेतना पैदा करता है।

यह स्तोत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो:

  • Fear & Anxiety: किसी भी प्रकार के अज्ञात भय या डर से जूझ रहे हैं।
  • Obstacles in Success: करियर या व्यापार में आ रही बाधाओं को शक्ति के साथ हटाना चाहते हैं।
  • Physical & Mental Weakness: शरीर में ऊर्जा की कमी या मानसिक कमजोरी (Low Willpower) महसूस करते हैं।

श्री हनुमत् ताण्डव स्तोत्रम् के अद्भुत लाभ (Top Benefits)

नियमित रूप से इस Powerful Hymn का पाठ करने से आपको निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • Destruction of Negative Energy: यह स्तोत्र आपके घर और मन के भीतर की नकारात्मकता (Negative vibes) को जलाकर भस्म कर देता है।
  • Booster for Self-Confidence: इसका पाठ करने से आपकी वाणी में तेज आता है और Leadership qualities विकसित होती हैं।
  • Victory over Enemies: जैसा कि ताण्डव विनाशकारी शक्तियों के दमन का प्रतीक है, यह स्तोत्र गुप्त शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करता है।
  • Relief from Shani Dosha: शनि देव के कोप को शांत करने के लिए Hanuman Tandav Stotram का पाठ एक Super-effective Remedy माना जाता है।
  • Protection from Evil Eye: यह कवच की तरह काम करता है और आपको किसी भी प्रकार की बुरी नजर (Evil eye) से बचाता है।

पाठ करने की सही विधि (Puja Vidhi & Rituals)

इस स्तोत्र की ऊर्जा बहुत तीव्र होती है, इसलिए इसे सही तरीके से पढ़ना अनिवार्य है:

  1. Auspicious Timing: मंगलवार (Tuesday) या शनिवार को इसका पाठ करना सबसे उत्तम है। विशेष रूप से हनुमान जयंती या Shani Pradosh पर इसका फल कई गुना बढ़ जाता है।
  2. Body Posture: वीर आसन में बैठकर या सीधे खड़े होकर पूरे जोश और स्पष्ट उच्चारण (Clear Pronunciation) के साथ इसका पाठ करें।
  3. Offerings: हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल चोला चढ़ाएं। भोग में गुड़ और चने का उपयोग करें।
  4. Consistency: यदि आप किसी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति चाहते हैं, तो 11 दिनों तक लगातार 11 बार पाठ करना एक Powerful ritual है।

निष्कर्ष: Shri Hanuman Tandav Stotram भक्ति और शक्ति का एक अद्भुत मेल है। यदि आप जीवन की चुनौतियों से थक चुके हैं, तो बजरंग बली के इस ताण्डव स्तोत्र का आश्रय लें—यह आपको न केवल शक्ति देगा बल्कि आपकी हर जीत का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (5 Essential FAQs)

क्या यह स्तोत्र रावण रचित शिव ताण्डव स्तोत्र जैसा ही है?

इसकी लय और गति शिव ताण्डव से मिलती-जुलती है, लेकिन इसके शब्द और छंद हनुमान जी की वीरता और उनके Supernatural powers को समर्पित हैं।

क्या महिलाएं हनुमान ताण्डव स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं?

बिल्कुल, महिलाएं पूरी श्रद्धा और शुद्धता के साथ इसका पाठ कर सकती हैं। यह उन्हें Mental Strength और सुरक्षा प्रदान करता है।

क्या इस स्तोत्र का पाठ रात में किया जा सकता है?

हाँ, हनुमान जी ‘निशाचरों’ का नाश करने वाले हैं, इसलिए रात के समय (विशेषकर 8 बजे के बाद) इसका पाठ करना Energy cleaning के लिए बहुत प्रभावी है।

क्या इसके पाठ के लिए कोई विशेष सावधानी जरूरी है?

चूँकि यह एक तामसिक ऊर्जा का नाश करने वाला सात्विक स्तोत्र है, इसलिए पाठ के दौरान मन में क्रोध न रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

इस स्तोत्र का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह साधक को Fearless (निर्भय) बनाता है।