Vishwakarma Chalisa Lyrics | श्री विश्वकर्मा चालीसा PDF

Vishwakarma Chalisa Hindi Lyrics

।। दोहा ।।

विनय करौं कर जोड़कर,
मन वचन कर्म संभारी ।
मोर मनोरथ पूर्ण कर,
विश्वकर्मा दुष्टारी ।

।। चौपाई ।।

विश्वकर्मा तव नाम अनूपा,
पावन सुखद मनन अनरूपा ।
सुंदर सुयश भुवन दशचारी,
नित प्रति गावत गुण नरनारी । १ ।

शारद शेष महेश भवानी,
कवि कोविद गुण ग्राहक ज्ञानी ।
आगम निगम पुराण महाना,
गुणातीत गुणवंत सयाना । २ ।

जग महँ जे परमारथ वादी,
धर्म धुरंधर शुभ सनकादि ।
नित नित गुण यश गावत तेरे,
धन्य-धन्य विश्वकर्मा मेरे । ३ ।

आदि सृष्टि महँ तू अविनाशी,
मोक्ष धाम तजि आयो सुपासी ।
जग महँ प्रथम लीक शुभ जाकी,
भुवन चारि दश कीर्ति कला की । ४ ।

ब्रह्मचारी आदित्य भयो जब,
वेद पारंगत ऋषि भयो तब ।
दर्शन शास्त्र अरु विज्ञ पुराना,
कीर्ति कला इतिहास सुजाना । ५ ।

तुम आदि विश्वकर्मा कहलायो,
चौदह विधा भू पर फैलायो ।
लोह काष्ठ अरु ताम्र सुवर्णा,
शिला शिल्प जो पंचक वर्णा । ६ ।

दे शिक्षा दुख दारिद्र नाश्यो,
सुख समृद्धि जगमहँ परकाश्यो ।
सनकादिक ऋषि शिष्य तुम्हारे,
ब्रह्मादिक जै मुनीश पुकारे । ७ ।

जगत गुरु इस हेतु भये तुम,
तम-अज्ञान-समूह हने तुम ।
दिव्य अलौकिक गुण जाके वर,
विघ्न विनाशन भय टारन कर । ८ ।

सृष्टि करन हित नाम तुम्हारा,
ब्रह्मा विश्वकर्मा भय धारा ।
विष्णु अलौकिक जगरक्षक सम,
शिव कल्याणदायक अति अनुपम । ९ ।

नमो नमो विश्वकर्मा देवा,
सेवत सुलभ मनोरथ देवा ।
देव दनुज किन्नर गन्धर्वा,
प्रणवत युगल चरण पर सर्वा । १० ।

अविचल भक्ति हृदय बस जाके,
चार पदारथ करतल जाके ।
सेवत तोहि भुवन दश चारी,
पावन चरण भवोभव कारी । ११ ।

विश्वकर्मा देवन कर देवा,
सेवत सुलभ अलौकिक मेवा ।
लौकिक कीर्ति कला भंडारा,
दाता त्रिभुवन यश विस्तारा । १२ ।

भुवन पुत्र विश्वकर्मा तनुधरि,
वेद अथर्वण तत्व मनन करि ।
अथर्ववेद अरु शिल्प शास्त्र का,
धनुर्वेद सब कृत्य आपका । १३ ।

जब जब विपति बड़ी देवन पर,
कष्ट हन्यो प्रभु कला सेवन कर ।
विष्णु चक्र अरु ब्रह्म कमण्डल,
रूद्र शूल सब रच्यो भूमण्डल । १४ ।

इन्द्र धनुष अरु धनुष पिनाका,
पुष्पक यान अलौकिक चाका ।
वायुयान मय उड़न खटोले,
विधुत कला तंत्र सब खोले । १५ ।

सूर्य चंद्र नवग्रह दिग्पाला,
लोक लोकान्तर व्योम पताला ।
अग्नि वायु क्षिति जल अकाशा,
आविष्कार सकल परकाशा । १६ ।

मनु मय त्वष्टा शिल्पी महाना,
देवागम मुनि पंथ सुजाना ।
लोक काष्ठ, शिल ताम्र सुकर्मा,
स्वर्णकार मय पंचक धर्मा । १७ ।

शिव दधीचि हरिश्चंद्र भुआरा,
कृत युग शिक्षा पालेऊ सारा ।
परशुराम, नल, नील, सुचेता, रावण,
राम शिष्य सब त्रेता । १८ ।

ध्वापर द्रोणाचार्य हुलासा,
विश्वकर्मा कुल कीन्ह प्रकाशा ।
मयकृत शिल्प युधिष्ठिर पायेऊ,
विश्वकर्मा चरणन चित ध्यायेऊ । १९ ।

नाना विधि तिलस्मी करि लेखा,
विक्रम पुतली दॄश्य अलेखा ।
वर्णातीत अकथ गुण सारा,
नमो नमो भय टारन हारा । २० ।

।। दोहा ।।

दिव्य ज्योति दिव्यांश प्रभु,
दिव्य ज्ञान प्रकाश ।
दिव्य दॄष्टि तिहुँ कालमहँ,
विश्वकर्मा प्रभास ।

विनय करो करि जोरि,
युग पावन सुयश तुम्हार ।
धारि हिय भावत रहे,
होय कृपा उद्गार ।


Vishnu Chalisa PDF Download (विष्णु चालीसा PDF डाउनलोड)

यदि आप यात्रा के दौरान या मंदिर में बैठकर शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ करना चाहते हैं, तो हमने आपके लिए Vishnu Chalisa Hindi PDF तैयार की है। इस PDF में बड़े और स्पष्ट फोंट (Clear fonts) का उपयोग किया गया है ताकि आप बिना किसी कठिनाई के इसे पढ़ सकें।


Vishwakarma Chalisa Images:


Vishwakarma Chalisa English Lyrics

।। doha ।।

vinay karaun kar jodakar,
man vachan karm sambhaaree.
mor manorath poorn kar,
vishwakarma dushtaaree.

।। chaupai ।।

vishwakarma tav naam anoopa,
paavan sukhad manan anaroopa.
sundar suyash bhuvan dashachaaree,
nit prati gaavat gun naranaaree |1|

shaarad shesh mahesh bhavaanee,
kavi kovid gun graahak gyaanee.
aagam nigam puraan mahaana,
gunaateet gunavant sayaana ।2।

jag mahan je paramaarath vaadee,
dharm dhurandhar shubh sanakaadi.
nit nit gun yash gaavat tere,
dhany-dhany vishwakarma mere ।3।

aadi srshti mahan too avinaashee,
moksh dhaam taji aayo supaasee.
jag mahan pratham leek shubh jaakee,
bhuvan chaari dash keerti kala kee ।4।

brahmachari aaditya bhayo jab,
ved parangat rishi bhayo tab.
darshan shastra aru vigya purana,
kirti kala itihaas sujana ।5।

tum aadi vishwakarma kahalaayo,
chaudah vidha bhoo par phailaayo.
loh kaashth aru taamr suvarna,
shila shilp jo panchak varna ।6।

de shiksha dukh daaridr naashyo,
sukh samrddhi jagamahan parakaashyo.
sanakaadik rshi shishy tumhaare,
brahmaadik jai muneesh pukaare ।7।

jagat guru is hetu bhaye tum,
tam-agyaan-samooh hane tum.
divy alaukik gun jaake var,
vighn vinaashan bhay taaran kar ।8।

srshti karan hit naam tumhaara,
brahma vishwakarma bhay dhaara.
vishnu alaukik jagarakshak sam,
shiv kalyaanadaayak ati anupam ।9।

namo namo vishwakarma deva,
sevat sulabh manorath deva.
dev danuj kinnar gandharva,
pranavat yugal charan par sarva ।10।

avichal bhakti hrday bas jaake,
chaar padaarath karatal jaake.
sevat tohi bhuvan dash chaaree,
paavan charan bhavobhav kaaree ।11।

vishwakarma devan kar deva,
sevat sulabh alaukik meva.
laukik keerti kala bhandaara,
daata tribhuvan yash vistaara ।12।

bhuvan putr vishwakarma tanudhari,
ved atharvan tatv manan kari.
atharvaved aru shilp shaastr ka,
dhanurved sab krty aapaka ।13।

jab jab vipati badee devan par,
kasht hanyo prabhu kala sevan kar.
vishnu chakr aru brahm kamandal,
roodr shool sab rachyo bhoomandal ।14।

indr dhanush aru dhanush pinaaka,
pushpak yaan alaukik chaaka.
vaayuyaan may udan khatole,
vidhut kala tantr sab khole ।15।

soory chandr navagrah digpaala,
lok lokaantar vyom pataala.
agni vaayu kshiti jal akaasha,
aavishkaar sakal parakaasha ।16।

manu may tvashta shilpee mahaana,
devaagam muni panth sujaana.
lok kaashth, shil taamr sukarma,
svarnakaar may panchak dharma ।17।

shiv dadheechi harishchandr bhuaara,
krt yug shiksha paaleoo saara.
parashuraam, nal, neel, sucheta, raavan,
raam shishy sab treta ।18।

dhvaapar dronaachaary hulaasa,
vishwakarma kul keenh prakaasha.
mayakrt shilp yudhishthir paayeoo,
vishwakarma charanan chit dhyaayeoo ।19।

naana vidhi tilasmee kari lekha,
vikram putalee drshy alekha.
varnaateet akath gun saara,
namo namo bhay taaran haara ।20।

।। doha ।।

divy jyoti divyaansh prabhu,
divy gyaan prakaash.
divy drshti tihun kaalamahan,
vishwakarma prabhaas.

vinay karo kari jori,
yug paavan suyash tumhaar.
dhaari hiy bhaavat rahe,
hoy krpa udgaar.

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु Dashavatara (दस अवतार) के माध्यम से पृथ्वी पर धर्म की स्थापना करते हैं। उनकी कृपा पाने का सबसे सरल और सुलभ माध्यम Vishnu Chalisa का पाठ है। यह चालीसा न केवल मन को शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक को Positive Energy से भर देती है।

विष्णु चालीसा का आध्यात्मिक महत्व (Significance)

Lord Vishnu को ‘सत्य’ और ‘न्याय’ का प्रतीक माना जाता है। विष्णु चालीसा के 40 छंदों (Couplets) में उनकी महिमा, उनके शंख, चक्र, गदा और पद्म का सुंदर वर्णन है।

  • Abundance and Wealth: देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। इसलिए, श्री हरि की स्तुति करने से Goddess Lakshmi की कृपा स्वतः ही प्राप्त हो जाती है।
  • Protection from Negative Vibes: विष्णु चालीसा का पाठ घर में एक सुरक्षा कवच (Protective Shield) तैयार करता है, जो नकारात्मक शक्तियों को दूर रखता है।
  • Liberation (Moksha): भक्ति मार्ग पर चलने वाले साधकों के लिए यह पाठ Spiritual Awakening और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।

विष्णु चालीसा पाठ की सही विधि (How to Recite)

किसी भी मंत्र या चालीसा का फल तभी मिलता है जब उसे सही Rituals के साथ किया जाए:

  1. Auspicious Day: वैसे तो आप इसे रोज पढ़ सकते हैं, लेकिन Thursday (गुरुवार) का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है।
  2. Purity: सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र (Yellow clothes) धारण करें, क्योंकि पीला रंग श्री हरि को अत्यंत प्रिय है।
  3. Altar Setup: एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या Vishnu Yantra स्थापित करें।
  4. Offerings: उन्हें पीले फूल, तुलसी दल (Tulsi leaves) और पीले फल अर्पित करें। याद रखें, विष्णु पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है।
  5. Chanting: शांत मन से और शुद्ध उच्चारण के साथ चालीसा का पाठ शुरू करें।

विष्णु चालीसा पाठ के लाभ (Key Benefits)

नियमित पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • Family Harmony: घर के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और क्लेश समाप्त होता है।
  • Career Success: छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह पाठ Focus और Mental Clarity बढ़ाता है।
  • Sins Removal: अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और मन शुद्ध होता है।

निष्कर्ष: यदि आप अपने जीवन में स्थिरता और आनंद चाहते हैं, तो Vishnu Chalisa को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह न केवल एक धार्मिक क्रिया है, बल्कि यह आपके Inner Peace का एक शक्तिशाली स्रोत भी है।

FAQs : Vishwakarma Chalisa

क्या विष्णु चालीसा का पाठ रात में किया जा सकता है?

हाँ, विष्णु चालीसा का पाठ किसी भी समय किया जा सकता है। हालांकि, सुबह का Brahma Muhurta (सूर्योदय से पहले) सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है।

क्या महिलाएं विष्णु चालीसा का पाठ कर सकती हैं?

बिल्कुल! कोई भी भक्त, चाहे वह पुरुष हो या महिला, पूरी श्रद्धा के साथ श्री हरि की स्तुति कर सकता है।

क्या एकादशी के दिन विष्णु चालीसा पढ़ना विशेष है?

Ekadashi Tithi भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है। इस दिन चालीसा और Vishnu Sahasranamam का पाठ करने से हजार गुना अधिक पुण्य मिलता है।

क्या बिना मूर्ति के भी पाठ किया जा सकता है?

यदि आपके पास मूर्ति नहीं है, तो आप अपने मन में भगवान विष्णु का ध्यान करके (Meditation) भी पाठ कर सकते हैं। ईश्वर भाव के भूखे होते हैं।

विष्णु चालीसा के साथ और कौन सी आरती पढ़नी चाहिए?

चालीसा के समापन के बाद “Om Jai Jagdish Hare” (ॐ जय जगदीश हरे) आरती का गान करना परंपरा के अनुसार शुभ माना जाता है।

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