Pretraj Sarkar Aarti (प्रेतराज सरकार की आरती) भगवान हनुमान जी के सेवक प्रेतराज सरकार को समर्पित एक विशेष आरती है, जो नकारात्मक शक्तियों, बाधाओं और मानसिक कष्टों से मुक्ति के लिए की जाती है। Pretraj Sarkar Aarti विशेष रूप से उन भक्तों द्वारा की जाती है जो जीवन में परेशानियों, भय या अदृश्य बाधाओं से ग्रस्त होते हैं। इस पेज पर आपको प्रेतराज सरकार की आरती PDF, सही आरती समय, प्रमुख मंदिरों की जानकारी, पूजा विधि और लाभ विस्तार से मिलेंगे।
Pretraj Sarkar Aarti Lyrics
जय प्रेतराज कृपालु मेरी अरज अब सुन लीजिये।
मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ, नाथ दर्शन दीजिये।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
मैं करूं विनती आपसे अब, तुम दयामय चित धरो।
चरणों का ले लिया आसरा, प्रभु वेग से मेरा दुःख हरो।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
सिर पर मोर मुकुट कर में धनुष, गलबीच मोतियन माल है।
जो करे दर्शन प्रेम से सब, कटत तन के जाल हैं।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
जब पहन बख्तर ले खड़ग, बांई बगल में ढाल है।
ऐसा भयंकर रूप जिनका, देख डरपत काल है।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
अति प्रबल सेना विकट योद्धा, संग में विकराल हैं।
तब भुत प्रेत पिशाच बांधे, कैद करते हाल हैं।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
तब रूप धरते वीर का, करते तैयारी चलन की।
संग में लड़ाके ज्वान जिनकी, थाह नहीं है बलन की।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
तुम सब तरह समर्थ हो, प्रभु सकल सुख के धाम हो।
दुष्टों के मारनहार हो, भक्तों के पूरण काम हो।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
मैं हूं मती का मन्द मेरी, बुद्धि को निर्मल करो।
अज्ञान का अन्धेर उर में, ज्ञान का दीपक धरो।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
सब मनोरथ सिद्ध करते, जो कोई सेवा करे।
तन्दुल बूरा घृत मेवा, भेंट ले आगे धरे।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
सुयश सुन कर आपका, दुखिया तो आये दूर के।
सब स्त्री अरू पुरूष आकर, पड़े हैं चरण हजूर के।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
लीला है अद्भुत आपकी, महिमा तो अपरंपार है।
मैं ध्यान जिस दम धरत हूँ , रच देना मंगलाचार है।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
सेवक गणेशपुरी महन्त जी, की लाज तुम्हारे हाथ है।
करना खता सब माफ, उनकी देना हरदम साथ है।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
दरबार में आओ अभी, सरकार में हाजिर खड़ा।
इन्साफ मेरा अब करो, चरणों में आकर गिर पड़ा।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
अर्जी बमूजिब दे चुका, अब गौर इस पर कीजिये।
तत्काल इस पर हुक्म लिख दो, फैसला कर दीजिए।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
महाराज की यह स्तुति, कोई नेम से गाया करे।
सब सिद्ध कारज होय उनके, रोग पीड़ा सब टरे।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
सुखराम सेवक आपका, उसको नहीं बिसराइये।
जै जै मनाऊं आपकी, बेड़े को पार लगाइये।।
जय प्रेतराज कृपालु…।।
Pretraj Sarkar Aarti In English
Jay Pretaraaj KṚPaalu Merii Araj Ab Sun Liijiye.
Main Sharaṇ Tumhaarii Aa Gayaa Huun, Naath Darshan Diijiye..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Main Karuun Vinatii Aapase Ab, Tum Dayaamay Chit Dharo.
CharaṆOn Kaa Le Liyaa Aasaraa, Prabhu Veg Se Meraa Duahkh Haro..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Sir Par Mor Mukuṭ Kar Men Dhanush, Galabiich Motiyan Maal Hai.
Jo Kare Darshan Prem Se Sab, KaṬAt Tan Ke Jaal Hain..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Jab Pahan Bakhtar Le Khadag, Baanii Bagal Men ḌHaal Hai.
Aisaa Bhayankar Ruup Jinakaa, Dekh ḌArapat Kaal Hai..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Ati Prabal Senaa Vikaṭ Yoddhaa, Sang Men Vikaraal Hain.
Tab Bhut Pret Pishaach Baandhe, Kaid Karate Haal Hain..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Tab Ruup Dharate Viir Kaa, Karate Taiyaarii Chalan Kii.
Sang Men Ladaake Jvaan Jinakii, Thaah Nahiin Hai Balan Kii..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Tum Sab Tarah Samarth Ho, Prabhu Sakal Sukh Ke Dhaam Ho.
DushṬOn Ke Maaranahaar Ho, Bhakton Ke Puuraṇ Kaam Ho..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Main Huun Matii Kaa Mand Merii, Buddhi Ko Nirmal Karo.
AjÑAan Kaa Andher Ur Men, JÑAan Kaa Diipak Dharo..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Sab Manorath Siddh Karate, Jo Koii Sevaa Kare.
Tandul Buuraa GhṚT Mevaa, Bhenṭ Le Aage Dhare..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Suyash Sun Kar Aapakaa, Dukhiyaa To Aaye Duur Ke.
Sab Strii Aruu Puruush Aakar, Pade Hain Charaṇ Hajuur Ke..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Liilaa Hai Adbhut Aapakii, Mahimaa To Aparampaar Hai.
Main Dhyaan Jis Dam Dharat Huun , Rach Denaa Mangalaachaar Hai..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Sevak GaṆEshapurii Mahant Jii, Kii Laaj Tumhaare Haath Hai.
Karanaa Khataa Sab Maaph, Unakii Denaa Haradam Saath Hai..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Darabaar Men Aao Abhii, Sarakaar Men Haajir Khadaa.
Insaaph Meraa Ab Karo, CharaṆOn Men Aakar Gir Padaa..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Arjii Bamuujib De Chukaa, Ab Gowr Is Par Kiijiye.
Tatkaal Is Par Hukm Likh Do, Phaisalaa Kar Diijie..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Mahaaraaj Kii Yah Stuti, Koii Nem Se Gaayaa Kare.
Sab Siddh Kaaraj Hoy Unake, Rog Piidaa Sab ṬAre..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Sukharaam Sevak Aapakaa, Usako Nahiin Bisaraaiye.
Jai Jai Manaauun Aapakii, Bede Ko Paar Lagaaiye..
Jay Pretaraaj KṚPaalu…..
Pretraj Sarkar Aarti PDF:
प्रेतराज सरकार की आरती PDF डाउनलोड: जो भक्त लिखित रूप में आरती पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यहाँ Pretraj Sarkar Aarti PDF उपलब्ध है। यहाँ से प्रेतराज सरकार की आरती PDF Download करें और नियमित पाठ करें।
✔️ PDF की विशेषताएँ:
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Pretraj Sarkar Aarti Images:

🌼 प्रेतराज सरकार की आरती का महत्व:
Pretraj Sarkar Aarti | प्रेतराज सरकार की आरती का विशेष महत्व भूत-प्रेत बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति से मुक्ति के लिए माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा से आरती करने पर—
- बुरी शक्तियों से रक्षा होती है
- डर, तनाव और चिंता दूर होती है
- जीवन में शांति और स्थिरता आती है
- हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है
इसी कारण भक्त नियमित रूप से प्रेतराज सरकार की आरती करते हैं।
⏰ प्रेतराज सरकार की आरती का सही समय (Aarti Time):
प्रेतराज सरकार की आरती निम्न समय पर करना सबसे शुभ माना जाता है:
✅ प्रातः काल
- समय: सुबह 5:00 से 7:00 बजे
- लाभ: दिन की शुरुआत शुद्ध ऊर्जा के साथ होती है
✅ संध्या काल (सबसे उत्तम)
- समय: शाम 6:00 से 8:00 बजे
- लाभ: नकारात्मक शक्तियों से विशेष सुरक्षा
✅ विशेष पूजा के बाद
- हनुमान चालीसा या बालाजी दर्शन के बाद आरती करना श्रेष्ठ
विशेष रूप से संध्या समय में की गई Pretraj Sarkar Aarti अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
🛕 किन मंदिरों में प्रेतराज सरकार की आरती विशेष रूप से होती है?
भारत में मुख्य रूप से राजस्थान के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों में प्रेतराज सरकार की आरती विशेष श्रद्धा से की जाती है:
🔹 मेहंदीपुर बालाजी मंदिर (राजस्थान)
- प्रेत बाधा निवारण के लिए विश्व प्रसिद्ध
- प्रतिदिन प्रेतराज सरकार और बालाजी की आरती
- हजारों श्रद्धालु रोज़ आते हैं
🔹 सालासर बालाजी मंदिर (राजस्थान)
- हनुमान जी का प्रमुख तीर्थ
- विशेष अवसरों पर प्रेतराज सरकार की पूजा
🔹 बालाजी मंदिर, करौली
- स्थानीय श्रद्धालुओं में प्रसिद्ध
- नियमित भजन-कीर्तन और आरती
इन मंदिरों में Pretraj Sarkar Aarti का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।
🪔 प्रेतराज सरकार की आरती की विधि (Aarti Vidhi):
Pretraj Sarkar Aarti Vidhi इस प्रकार करें: आरती हमेशा दाहिने हाथ से करनी चाहिए और ओंकार का उच्चारण करते हुए की जा सकती है।
विशेष नियम: आरती कभी भी बैठे-बैठे न करें। यदि कोई अन्य आरती कर रहा हो तो उसके ऊपर से हाथ न घुमाएं।
1️⃣ सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
2️⃣ हनुमान जी और प्रेतराज सरकार के चित्र/मूर्ति स्थापित करें
3️⃣ सरसों के तेल का दीपक जलाएं
4️⃣ अगरबत्ती, फूल और प्रसाद अर्पित करें
5️⃣ पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें
6️⃣ इसके बाद प्रेतराज सरकार की आरती गाएं
7️⃣ अंत में प्रसाद वितरण करें
इस विधि से आरती करने पर विशेष फल प्राप्त होता है।
🙏 प्रेतराज सरकार की आरती के लाभ:
Pretraj Sarkar Aarti Benefits:
- भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास
- भय और नकारात्मकता का नाश
- पारिवारिक सुख-शांति
- हनुमान जी की विशेष कृपा
नियमित आरती से भक्त का आत्मबल और श्रद्धा दोनों बढ़ते हैं।
🌺 हनुमान चालीसा के साथ आरती का महत्व
अधिकांश श्रद्धालु इस क्रम का पालन करते हैं:
✔️ पहले हनुमान चालीसा
✔️ फिर प्रेतराज सरकार की आरती
इससे साधना अधिक प्रभावशाली मानी जाती है।
FAQs – Pretraj Sarkar Ki Aarti:
क्या घर पर प्रेतराज सरकार की आरती कर सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा और नियम से घर पर भी आरती की जा सकती है।
कितने दिन आरती करनी चाहिए?
आमतौर पर 7, 11 या 21 दिन लगातार करना शुभ माना जाता है।
क्या बिना मंदिर जाए आरती का फल मिलता है?
हाँ, सच्ची श्रद्धा से की गई आरती घर पर भी फल देती है।
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