Jankinath Aarti | जानकीनाथ की आरती PDF

Janki Nath kiAarti (जानकीनाथ की आरती) माता सीता जी (जानकी) और भगवान श्रीराम की संयुक्त भक्ति का पवित्र माध्यम है। Jankinath Aarti विशेष रूप से रामभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पेज पर आपको जानकीनाथ की आरती PDF, सही आरती समय, प्रमुख मंदिरों की जानकारी, और विधि-विधान से आरती करने की पूरी जानकारी मिलेगी।

Janki Nath Aarti Lyrics

ॐ जय जानकिनाथा,
हो प्रभु जय श्री रघुनाथा।
दोउ कर जोड़े विनवौं,
प्रभु मेरी सुनो बाता॥

ॐ जय…॥

तुम रघुनाथ हमारे,
प्राण पिता माता।
तुम हो सजन संघाती,
भक्ति मुक्ति दाता ॥

ॐ जय…॥

चौरासी प्रभु फन्द छुड़ावो,
मेटो यम त्रासा।
निश दिन प्रभु मोहि राखो,
अपने संग साथा॥

ॐ जय…॥

सीताराम लक्ष्मण भरत शत्रुहन,
संग चारौं भैया।
जगमग ज्योति विराजत,
शोभा अति लहिया॥

ॐ जय…॥

हनुमत नाद बजावत,
नेवर ठुमकाता।
कंचन थाल आरती,
करत कौशल्या माता॥

ॐ जय…॥

किरिट मुकुट कर धनुष विराजत,
शोभा अति भारी।
मनीराम दरशन कर, तुलसिदास दरशन कर,
पल पल बलिहारी॥

ॐ जय…॥

जय जानकिनाथा,
हो प्रभु जय श्री रघुनाथा।
हो प्रभु जय सीता माता,
हो प्रभु जय लक्ष्मण भ्राता॥

ॐ जय…॥

हो प्रभु जय चारौं भ्राता,
हो प्रभु जय हनुमत दासा।
दोउ कर जोड़े विनवौं,
प्रभु मेरी सुनो बाता॥

ॐ जय…॥

Janki Nath Aarti Lyrics in English

Om Jay Jankinaathaa,
Ho Prabhu Jay Shrii Raghunaathaa.
Dou Kar Jode Vinavown,
Prabhu Merii Suno Baataa॥

Om Jaya…॥

Tum Raghunaath Hamaare,
Praaṇ Pitaa Maataa.
Tum Ho Sajan Sanghaatii,
Bhakti Mukti Daataa ॥

Om Jaya…॥

Chowraasii Prabhu Phand Chhudaavo,
MeṬO Yam Traasaa.
Nish Din Prabhu Mohi Raakho,
Apane Sang Saathaa॥

Om Jaya…॥

Siitaaraam Lakshmaṇ Bharat Shatruhan,
Sang Chaarown Bhaiyaa.
Jagamag Jyoti Viraajat,
Shobhaa Ati Lahiyaa॥

Om Jaya…॥

Hanumat Naad Bajaavat,
Nevar ṬHumakaataa.
Kanchan Thaal Aaratii,
Karat Kowshalyaa Maataa॥

Om Jaya…॥

Kiriṭ Mukuṭ Kar Dhanush Viraajat,
Shobhaa Ati Bhaarii.
Maniiraam Darashan Kar, Tulasidaas Darashan Kar,
Pal Pal Balihaarii॥

Om Jaya…॥

Jay Jaanakinaathaa,
Ho Prabhu Jay Shrii Raghunaathaa.
Ho Prabhu Jay Siitaa Maataa,
Ho Prabhu Jay Lakshmaṇ Bhraataa॥

Om Jaya…॥

Ho Prabhu Jay Chaarown Bhraataa,
Ho Prabhu Jay Hanumat Daasaa.
Dou Kar Jode Vinavown,
Prabhu Merii Suno Baataa॥

Om Jaya…॥

Jankinath Aarti PDF:

जानकीनाथ की आरती PDF डाउनलोड : जो भक्त लिखित रूप में आरती पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यहाँ Jankinath Aarti PDF उपलब्ध है।👉 यहाँ से जानकीनाथ की आरती PDF Download करें और नियमित पाठ करें।

✔️ PDF की विशेषताएँ:

  • स्पष्ट हिंदी फॉन्ट
  • मोबाइल और प्रिंट दोनों के लिए उपयुक्त
  • ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा

Jankinath Aarti Images:

Jankinath Aarti lyrics image

🌼 जानकीनाथ की आरती का महत्व:

Jankinath Aarti | जानकीनाथ की आरती करने से घर में शांति, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता और श्रीराम की आरती करने से—

  • वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है
  • परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है
  • मानसिक तनाव दूर होता है
  • भक्ति और संयम की भावना विकसित होती है

इसी कारण भक्त प्रतिदिन या विशेष पर्वों पर जानकीनाथ की आरती करते हैं।

⏰ जानकीनाथ की आरती का सही समय (Aarti Time):

जानकीनाथ की आरती निम्न समय पर करना सबसे शुभ माना जाता है:

✅ प्रातः काल

  • समय: सुबह 5:00 से 7:00 बजे
  • लाभ: दिन की शुरुआत शुभ और मंगलमय होती है

✅ संध्या काल (सबसे उत्तम)

  • समय: शाम 6:00 से 8:30 बजे
  • लाभ: विशेष कृपा और मनोकामना पूर्ति

✅ विशेष अवसरों पर

  • रामनवमी, विवाह पंचमी, सीता नवमी आदि पर्वों पर
  • भव्य आरती और भजन-कीर्तन होता है

संध्या समय में की गई Jankinath Aarti को सबसे अधिक फलदायी माना जाता है।

🛕 किन मंदिरों में जानकीनाथ की आरती विशेष रूप से होती है?

भारत और नेपाल के कई प्रसिद्ध मंदिरों में जानकीनाथ की आरती बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है:

🔹 जनकी मंदिर, जनकपुर (नेपाल)

  • माता सीता का प्रमुख मंदिर
  • प्रतिदिन भव्य आरती और भजन

🔹 राम जानकी मंदिर, अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

  • श्रीराम–सीता को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर
  • मंगलवार और शुक्रवार को विशेष आरती

🔹 जानकी मंदिर, सीतामढ़ी (बिहार)

  • माता सीता की जन्मस्थली
  • पर्वों पर विशाल आरती आयोजन

इन मंदिरों में Jankinath Aarti का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत अधिक माना जाता है।

🪔 जानकीनाथ की आरती की विधि (Aarti Vidhi):

Jankinath Aarti Vidhi इस प्रकार करें:

1️⃣ स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
2️⃣ राम–सीता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
3️⃣ दीपक, अगरबत्ती, फूल अर्पित करें
4️⃣ “श्री सीता-राम” का ध्यान करें
5️⃣ जानकीनाथ की आरती गाएं
6️⃣ अंत में प्रसाद वितरण करें

इस विधि से आरती करने पर पूर्ण पुण्य फल प्राप्त होता है।

🙏 जानकीनाथ की आरती के लाभ:

Jankinath Aarti Benefits:

  • दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास
  • पारिवारिक सुख-शांति
  • मानसिक स्थिरता
  • भक्ति में वृद्धि
  • जीवन में सकारात्मक बदलाव

नियमित आरती से भक्त का आत्मबल और श्रद्धा बढ़ती है।

🌺 रामायण और जानकीनाथ आरती का संबंध:

बहुत से भक्त इस क्रम का पालन करते हैं:

✔️ पहले रामायण/रामचरितमानस पाठ
✔️ फिर जानकीनाथ की आरती

इससे पूजा अधिक पूर्ण और फलदायी मानी जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion):

Jankinath Aarti | जानकीनाथ की आरती PDF माता सीता और भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावशाली माध्यम है। सही समय, विधि और श्रद्धा के साथ आरती करने से जीवन में सुख, शांति और संतुलन बना रहता है।

यदि आप नियमित रूप से जानकीनाथ की आरती और रामभक्ति करते हैं, तो आपके जीवन में सदैव सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

जय सिया राम 🚩
जय जानकीनाथ 🚩

FAQs – About Janki Nath Aarti:

क्या घर पर जानकीनाथ की आरती कर सकते हैं?

हाँ, घर पर श्रद्धा से की गई आरती भी उतनी ही फलदायी होती है।

कितनी बार Jankinath आरती करनी चाहिए?

प्रतिदिन या सप्ताह में कम से कम एक बार करना शुभ माना जाता है।

क्या बिना व्रत के Jankinath आरती की जा सकती है?

हाँ, बिना व्रत के भी आरती करने से पुण्य प्राप्त होता है।